कावड़िये हरिद्वार जा रहे
वो तो बम बम बम गाये रहे
बाबा की महिमा गाये रहे।।
कावाडेया न छाले देख रहे
भोले बाबा के मन में समाये रहे,
कावड़िये हरिद्वार जा रहे
वो तो दी जे पे ठुमका लगाये रहे
वो तो बाबा की महिमा गाये रहे।।
कही लाख कवाड़ीयो का लारा है
सावन का अजब नजारा है
कावड़िये हरिद्वार जा रहे
वो तो बम बम गाये रहे
कावड़िये हरिद्वार जा रहे।।
लगी धुन मोहे भोले बाबा का मैं तो
ढोक लगाऊ भोले बाबा की
कवाड़ीये हरिद्वार जाए रहे
वो तो बम बम गाये रहे।।