सोइ तक़दीर जो श्याम के द्वार पे सोते से जग गई है मेरी
लोटरी लग गयी है मेरी लोटरी लग गयी है मेरी
प्यारे संसार में कोई प्यारा ना था
बेसहारे का कोई सहारा ना था
श्याम की बंदगी ये चमक ज़िन्दगी
कैसी जगमग गई है मेरी
लोटरी लग गयी है मेरी ……………….
श्याम के दर दया की सुनामी मिली
श्याम चरणों की जब से गुलामी मिली
तिनके चुन चुन के जोड़े मेरे श्याम ने
झोपडी सज गई है मेरी
लोटरी लग गयी है मेरी ………………
क्या कहूं श्याम ने मुझको क्या क्या दिया
रज्जो करता रहे श्याम का शुक्रिया
शान झुक ना सकीय गाडी रुक ना सकीय
चलती पग पग गई है मेरी
लोटरी लग गयी है मेरी ………………