काँटो लाग्यो रे सतसंगत में म्हारे खड़क रह्यो ओ दिन रात
काँटो लाग्यो रे सतसंगत में म्हारे खड़क रह्यो ओ दिन रात Kaato Lagyo Re Satsangat Me Mhare Khadag Rahyo O Din Raat एक घड़ी आधी घड़ी और आधी में पूणिआध,तुलसी सतसंग संत की कटे करोड़ अपराध,तपस्या बरस हजार की और सतसंग की पल एक,तो ही बराबर ना तुले मुनि सुखदेव की विवेक।। काँटो लाग्यो रे … Read more