हार बैठा हूँ दुनिया से तेरे दरबार आया हूँ
हार बैठा हूँ दुनिया से तेरे दरबार आया हूँतेरे दरबार आया हूँ तेरे दरबार आया हूँबिन तेरे ना कोई अपना मैया जग से सताया हूँहार बैठा हूँ दुनिया से तेरे दरबार आया हूँ ।। किया था प्रेम जिस जिस को उन्ही से धोखा खाया है,हे माँ तू न भुला देना शरण में तेरी आया हूँहार … Read more