भोलीसी सुरत माथेपे चंदा देखो चमकता जाए
भोलीसी सुरत, माथेपे चंदादेखो चमकता जाएसदा समाधि में है मगन, कहीभोला नजर ना आएजब भक्तो को पडे जरुरतखुद को रोक ना पाए सागर मंथन के अवसर पर , शिवजी विष पी जाएपीकर विष की गगरी भोला नीलकंठ कहलायेकोई भी मांगे बुंद तो ये सारा सागर दिखलाएशिव की लीला बडी अलग है कोई समझ ना पाए … Read more