सीता माता की गोदी में हनुमत डाली मूंदड़ी
लाल लंगोटा हथ बनिया, मुख में नागर पान,लंका में वानर चले, श्री अंजनी सूत हनुमान।। सीता माता की गोदी में, हनुमत डाली मूंदड़ी,सीता माता की गोदी में, कपि छिटकाई मूंदड़ी।। सुनकर जामवंत कि बात, हनुमंत मारी एक छलांग,हिरदै ध्यान राम को राख, समुन्द्र कूद पड़े हनुमान,शीश पर राखी मुन्दडी, शीश पर राखी मुन्दडी,सीता माता की … Read more