भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का
फागुन की रुत है आई भगतो के मन में छाई,बाबा की याद है आई मन हो गया खाटू का,भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का।। टिक ते नहीं है ज़मीन पे मेरे पाँव रे,अच्छा नहीं लागे अब घर गली गांव रे,जब से खाटू धाम गया हु चैन नहीं पल का,भगत तेरा निशान … Read more