राम धुन राम नाम के हीरे मोती

राम धुन राम नाम के हीरे मोती Ram Dhun Ram Naam Ke Here Moti Lyrics In Hindi राम नाम के हीरे मोतीराम नाम के हीरे मोती राम नाम के हीरे मोतीराम नाम के हीरे मोती क्यू कर्ता है मेरा मेरीये तेरा मकान नहींझुठे जग में फासा हुआवो सच्चा इंसान नहीं श्री राम जय राम जय … Read more

राधा हमारी गोरी गोरी (विनोद जी) पार्ट2

राधा हमारी गोरी गोरी (विनोद जी) पार्ट2 Radha Hamari Gori Gori (vinod ji) part2 नर दम्भियों वादियो ने भी पाया तत्त्वदिव्या दिव्या शक्तिया भीनित्या गुण गाती है शंकर समधी मेंढूंढते है जिसकोश्रुति भी नित नित कहेहार जाती है ना ना रूप धरीविश्वा मोहन मुरारीउस विश्वा के मदारी कोगोपिया नाचती है श्याम तन श्याम मनश्याम ही … Read more

श्री राधा हमारी गोरी गोरी ये नवल किशोरी

श्री राधा हमारी गोरी गोरी ये नवल किशोरी Radha Hamari Gori Gori ye Naval Kishori राधा हमारी गोरी गोरी (विनोद जी) पार्ट3 श्री राधा हमारी गोरी गोरीये नवल किशोरीकन्हैया तेरो कारो है वोटो कारो नही हैमतवरो जगत उजियरोश्री राधा जी को प्यारो है क्या नज़ाकत है आरिश नीले पद गयेमैने तो बोशो लिया था ख्वाब … Read more

राधा हमारी गोरी गोरी – विनोद जी

राधा हमारी गोरी गोरी (विनोद जी) पार्ट4 Radha Hamari Gori Gori (vinod ji) part4 योतो कारो नही हैमतवरो जगत उजियरोश्री राधाजी को प्यारो है श्री राधा हमारी गोरी गोरीहै नवल किशोरीकन्हैया तेरो कारो है श्यामा या ब्रज मंडल केकन कन मेंहै बसी तेरी ठाकुराइकालंदी की लहर लहर नेतेरी महिमा गयी फुल्कित होये तेरो जस गावेश्री … Read more

राधा हमारी गोरी गोरी -विनोद जी पार्ट5

राधा हमारी गोरी गोरी (विनोद जी) पार्ट5 Radha Hamari Gori Gori चाहे कील कोकिला का कोकटर सारस तेचाहे मुख चंद्रा की चकोरी ने बनाई चाहे कर लता द्वंद फूल फल पल्लव तेमधुकर चाहे दया नेक दृष्टि लाइए लाल बालवीर दीन है दया की राशिकीजिए ज़रूर यहा जो मान भाईएपर जैसे बने तैसेकरुणा निधन स्वामिणू जुहा … Read more

श्री नव दुर्गा रक्षा मंतरा

श्री नव दुर्गा रक्षा मंतरा Shri Nav Durga Raksha Mantra श्री नव दुर्गा रक्षा मंतराश्री नव दुर्गा रक्षा मंतराश्री नव दुर्गा रक्षा मंतरा ओम शैल पुत्री मैया रक्षा करोओम जग जननी देवी रक्षा करो ओम नवदुर्गा नमःओम जग जननी नमः ओम ब्रह्मा चरनी मैया रक्षा करोओम भाव तारणी देवी रक्षा करो ओम नवदुर्गा नमःओम जग … Read more

यथार्थ गीता हिंदी में – 01

यथार्थ गीता – अध्याय-01 श्लोक -1 Yatharth Geeta (Hindi Version) – 01 धृतराष्ट्र उवाचधर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः |मामकाः पाण्डवाश्र्चैव किमकुर्वत सञ्जय || १ || धृतराष्ट्र ने कहा – हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे तथा पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया ? सञ्जय उवाचदृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा |आचार्यमुपसङ्गम्य … Read more

यथार्थ गीता – अध्याय-02

यथार्थ गीता – अध्याय-02 श्लोक -1 Yatharth Geeta (Hindi Version) – 02 यथार्थ गीता – अध्याय 02 श्लोक -1 संजय उवाच –तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम् विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदन: || 1|| श्रीभगवानुवाच |कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम् |अनार्यजुष्टमस्वर्ग्यमकीर्तिकरमर्जुन || 2|| YATHARTH GEETA ADHYAY 02Yatharth Geeta Yatharth Geeta Aadhyay 2 Sloka 1Yatharth Geeta Chapter 2 Verse 1 Sanjaya Uvaacha … Read more

यथार्थ गीता (हिंदी में) – अध्याय-03

यथार्थ गीता – अध्याय 03 श्लोक -1 Yatharth Geeta (Hindi Version) – 03 अर्जुन उवाच –ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दनतत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव || 1|| भावार्थ : अर्जुन बोले- हे जनार्दन! यदि आपको कर्म की अपेक्षा ज्ञान श्रेष्ठ मान्य है तो फिर हे केशव! मुझे भयंकर कर्म में क्यों लगाते हैं?॥1॥ अर्जुन उवाच – … Read more

यथार्थ गीता (हिंदी में) – 04

यथार्थ गीता – अध्याय 04 श्लोक -1 Yatharth Geeta Aadhyay 4 Sloka 1 श्री भगवानुवाच-इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्‌ ।विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्‌ ॥ YATHARTH GEETA ADHYAY 04Yatharth Geeta Yatharth Geeta Aadhyay 4 Sloka 1Yatharth Geeta Chapter 4 Verse 1 Shri Bhagwan Uvaacha : Imam Vivasvate Yogam Proktavan Aham VyayamVisasvan Manave Praha Manur Ikshvakave Bravit