जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रे
जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रे Jeevan Hai Paani Ki Boond Kab Mit Jaye Re जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रेहोनी अनहोनी कब क्या घाट जाए रे जितना भी कर जाओगे उतना ही फल पाओगेकरनी जो कर जाओगे वैसा ही फल पाओगेनीम के तरु में नहीं आम दिखाए रेजीवन … Read more