नच रहे भोले बाबा कावाडिय़ों के साथ रे
सावन के महीने की कैसी करामात रेनच रहे भोले बाबा कावाडिय़ों के साथ रे।। भोले जैसा देव नहीं और संसारदेखे नजारा गंगा तात हरिद्वार में।। बम बम के जयकारे गूँजे देखो दिन रात रेनच रहे भोले बाबा कावाडिय़ों के साथ रे।। सावन में करेसा भोला सबपे मेहरबानीइस लिए भोले की ये दुनिया दीवानी रे।। झूम … Read more