वक्रतुण्ड महाकाय – जगजीत सिंह
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ लिरिक्स वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ प्रथमेश्वरा गणदेवश्वराचिंता मनी परमेश्वरा गन नाथ सुर मनी गणपतिहे लॅंब श्री लंबोदरा प्रथमेश्वरा गणदेवश्वराचिंता मनी परमेश्वरा महाकाल हो लाये ताल होसुर छंद श्रुति अखिलेश्वरा संगीत में और गीत मेंगतिमान हो पूरनेश्वरा गन नाथ सुर मनी गणपतिहे लॅंब श्री लंबोदरे शिवानंद हो … Read more