मेरे घर राम आये हैं
दोहा – भय भव सागर जीवन, भक्ति नाँव सवारराम नाम पतवार है, निश्चित होइबे पार।। मेरी चौखट पे चलके आज,चारो धाम आये हैं,बजाओ ढोल स्वागत में,मेरे घर राम आये हैं ।। कथा शबरी की जैसे,जुड़ गयी मेरी कहानी से,न रोको आज धोने दो चरण,आँखों के पानी से।। बहुत खुश हैं मेरे आंसू,के प्रभु के काम … Read more