रात सुहागन करवे दी करवा चौथ भजन लिरिक्स
काग़ा बरया दिन करवे कारात सुहागन करवे दी।। काग़ा बरया दिन करवे कारात सुहागन करवे दी।। सच्चा मलिक सबनु बक्शेरात सुहागन करवे दी।। काग़ा बरया दिन करवे कारात सुहागन करवे दी।। सबदे मत्थे बिंदी चमकेसबने माँग सिंदूर रहे।। बुरा वक़्त सखियो नि ट्वादीडेहरी तो भी डोर रहे।। रह रह बरसे प्रीत पारीबरसात सुहागन करवे दी।। … Read more