पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा रे भगता
जितनी ऊंची चढ़ाई, उतनी ही गहरी खाईपर भगतों ना घबराना, है माँ की चिट्ठी आईडरने की क्या दरकार, संग है मईया का प्यारपौड़ी पौड़ी चढ़ता जा रे भगतापौड़ी पौड़ी चढ़ता जा… देखे हैं दरबार अनेकों, माँ की बात निराली हैलौटा ना कोई भी बच्चा, माँ के दर से खाली हैलेके पूरा परिवार, माँ आया तेरे … Read more