हनुमान की गदा ने देखो कैसी गदर मचायी रे
हनुमान की गदा ने देखोकैसी गदर मचायी रे हनुमान की गदा ने देखोकैसी गदर मचायी रे राम और रावण की दौड़ में देखोजाम के हो गई लड़ी रे फल खाये और पेड़ उजाड़ेलंबी पुंछ बढ़ाये रेहैं रावण की सोने की लंकापल में रख बनाया रे हनुमान की गदा ने देखोकैसी गदर मचायी रे अहिरावण पाताल … Read more