दामन 52 गज का पहन कीर्तन में जाऊँगी
नई चुनरी लाऊंगी माँ ने फेर उढ़ाउगी,दामन 52 गज का पहन कीर्तन में जाऊँगी,हे कीर्तन में जाऊँगी मैं सत्संग में जाऊँगी,दामन 52 गज का पहन कीर्तन में जाऊँगी।। लाग्गे जग तै है न्यारी माँ की सूरत है प्यारी,लगा के हलवा पूरी भोग चूड़ियाँ चढ़ाऊँगी,चूड़ियाँ चढ़ाऊँगी चूड़ियाँ चढ़ाऊँगी,दामन 52 गज का पहन कीर्तन में जाऊँगी।।हे कीर्तन … Read more