माँ तेरी तस्वीर सिरहाने रखकर सोते हैं यही सोच कर अपने दोनों नैन भिगोते हैं
माँ तेरी तस्वीर सिरहाने रखकर सोते हैं,यही सोच कर अपने दोनों नैन भिगोते हैं,कभी तो तस्वीर से निकलोगी,कभी तो मेरी मईया पिघलोगी ।। जाने कब आ जाए मईया आँगन रोज बुहारे ,मेरे इस छोटे से घर का कोना कोना सँवारे।। विश्वास है मईया आएगी मुझे आस है मईया आएगीजिस दिन माँ नहीं आती हम जी … Read more