आत्मा रामा आनंद रमना -रग रग में राम
सुबह से शाम सर पे बोझ कितना काम है हां,सुबह से शाम न ही रुकना न आराम है हां,नसों में रक्त, सर पे भूत दिल में भावना हो,की सारे जगत से एक ऊंचा राम नाम है हां,समर्पणम हो दिल में काज सारे वो सवारें,दुखो के सिंधु संग जीव सारे वो ही तारें,क्रोध, काम, लोभ त्याग … Read more