है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
इतनी ममता नदियों को भीजहाँ माता कह के बुलाते हैंइतना आदर इन्सान तो क्यापत्थर भी पूजे जाते हैंइस धरती पे मैंने जनम लियाये सोच के मैं इतराता हूँ भारत का रहने वाला हूँभारत की बात सुनाता हूँहै प्रीत जहाँ की रीत सदा है प्रीत जहाँ की रीत सदामैं गीत वहाँ के गाता हूँभारत का रहने … Read more