सुमिरता क्यों नहीं रे श्री श्याम
ओ बन्दे तेरी कोड़ी लगे ना कोई दामतू भजता क्यों नहीं रे श्री श्यामसुमिरता क्यों नहीं रे श्री श्याम पाँव दिया रे बन्दे तीरथ कर लेहाथ दिया रे कर दानतू भजता क्यों नहीं रे श्री श्यामसुमिरता क्यों नहीं रे श्री श्याम नैन दिया रे बन्दे दर्शन कर लेकान दिया रे सुन ज्ञानतू भजता क्यों नहीं … Read more