रब दूरो दूरो देख रिहा
रब दूरो दूरो देख रिहा,किदा बंदा मेनू बेच रिहा,लंगर लोंदा टल बजाउँदा,मत्थे वी ओ खूब कसौंदा,मेरी बनायीं दुनिया नू ओ,वहमा दे विच डेग रहा,रब दूरो दूरो देख रहा,किदा बंदा मेनू बेच रिहा।। ऐ जो रंग बिरंगे बाने,अप्पे बनगए साद सियाने,लोका दे विच आग लगाके,अपनी रोटी सेक रहा,रब दूरो दूरो देख रिहा।। मंदिर मस्जिद ते गुरूद्वारे,रब … Read more