ओ देश मेरे तेरी शान पे
ओ देश मेरे तेरी शान पे सदकेकोई धन है क्या तेरी धूल से बढ़ केतेरी धूप से रौशन तेरी हवा पे जिंदातू बाग है मेरा मैं तेरा परिंदा।। है अरज़ ये दीवाने कीजहाँ भोर सुहानी देखीएक रोज़ वही मेरी शाम होकभी याद करे जो जमानामाटी पे मर मिट जानाज़िकर में शामिल मेरा नाम होओह देश … Read more