बड़े दिन हुए बिछड़े सखा से ऐ द्वारपालो मिलने दो
अपने मित्र से मिलने की चाह मेंजब द्वारिका धीश के महल में प्रवेशकरने की कोशिश करता है तो ना रोको ऐसे मुझे ये देख हाल मेराहै यार बचपन का मेरा वो श्याम तेराहै द्वारपालों जो शक फिर भी मेरी गरीबी पेतो जाके पूछलो सुदामा है नाम मेरा ।। बड़े दिन हुए हाँ बिछड़े सखा से … Read more