तुझमे शिवा मुझमे शिवा तन में शिवा मन में शिवा
गंगा नाहया पर्वत को पाया तू है कहाये दुनिया छोड़ी मैने मन सजाया तू है कहातुम डरबदार की राहो में या हो कही शिवलो मेंमेरे साथ ही तुम हो कही फिर क्यू नही निगाहो मेंजब लाउ उठी इस दिल में तो एहसास हुआतुझमे शिवा मुझमे शिवातन में शिवा मन में शिवाओम नमः शिवाय।। मान की … Read more