मैंने श्याम को व्यथा सुनाई मेरा बन गया श्याम सहाई
मैंने श्याम को व्यथा सुनाईमेरा बन गया श्याम सहाईमेरे सिर पे हाथ फिरायामुझे प्रेम से ये समजायमैं हु न तू कैसी फिकर करेअरे पगले तू काहे डरे।। ऐसा दिन था आया समय ने खूब रुलाया,कदम कदम पे ठोकर कोई न हाथ बडाया,मेरी आँखे भर भर आईमेरा बन गया श्याम सहाईमेरे सिर पे हाथ फिरायामुझे प्रेम … Read more