श्याम अखाड़ों की मर्यादा फिर पहले से ला दो ना
श्याम अखाड़ों की मर्यादा फिर पहले से ला दो नाज्योत जगे बाबा थी पावन जिसमे आप विराजो नाश्याम अखाड़ों की मर्यादा…………….. जाने कैसे भक्त थे वो बाबा को कैसे रिझाते थेसुन कर करुण पुकार को उनको सांवरिया चले आते थेउसी भाव को मुझमे बाबा थोड़ा सा तो जगा दो नाश्याम अखाड़ों की मर्यादा…………….. मोरछड़ी के … Read more