कदम तो राखो काशी में तर जाओगे काशी में

कदम तो राखो काशी मेंतर जाओगे कशी में रात गंगा की लहर हिलोरत रवि आवत कशी मेंकण कण दौलत घंटा मंत्र शंकर अविनाशी में कदम तो राखो काशी मेंतर जाओगे कशी में पांडा घंटा भांग धतूरालटकत चारो कोना छनत कचोरी कटत जलेबीबजट कड़ाही पौना कदम तो राखो काशी मेंतर जाओगे कशी में मस्त मलंगो की … Read more