अच्छे करो कर्म के मेरा श्याम देखता
श्याम से करते हो जब प्यार उनके काम से क्यों इनकार,झोली भर भर लाते हो देने में सकू चाते होकुछ तो करो शर्म की मेरा श्याम देखताअच्छे करो कर्म के मेरा श्याम देखता।। विपता आई कितनी बड़ी देख रहा है श्याम धनिहार गया जो भी जग से ऊपर किस की नजर पड़ीकिस के बड़े कदम … Read more