बिन पिये नशा हो जाता है जब सूरत देखू भोले की
बिन पिये नशा हो जाता है,जब सूरत देखू भोले की।। बिन पिये नशा हो जाता है,जब सूरत देखू भोले कीजब मूरत देखू भोले की।। उसके शीश पे चंदा विराज रह्या,चंदा की चांदनी में खो जाऊ,जब सूरत देखू भोले की,बिन पिये नशा हो जाता है,जब सूरत देखू भोले की।। उसके गले में नाग विराज रह्या,नागा की … Read more