धोखे से वीरो को मारा देखा जो नज़ारा तो अँखियाँ रो पड़ी
देखी जो चालीस लाशेंथमी सबकी साँसेतो अँखियाँ रो पड़ी धोखे से वीरो को मारादेखा जो नज़ारातो अँखियाँ रो पड़ी देखी जो चालीस लाषेथमी सबकी साँसेतो अँखियाँ रो पड़ी छोटे छोटे बच्चो को छोड़ानाता तोड़ा सबसे यहा कैसे भूओल पाएँगे तुमकोतुमने जो दी है क़ुर्बानिया देखा उड़ा हुआ भेजा फटाये कलेजा अंखिया रो पड़ी धोखे से … Read more