मंगल मूर्ति मारुत नंदन

मंगल मूर्ति मारुत नंदनसकल अमंगल मूल निकंदन गायक – भजन सम्राट देवेंद्र पाठक अवध रतन सम्मान मंगल मूर्ति मारुत नंदनसकल अमंगल मूल निकंदनजय सिया राम जय जय सिया रामजय हनुमान जय जय हनुमान पवन तनय संतान हितकारीहरदय विराट अवध बिहारीजय सिया राम जय जय सिया रामजय हनुमान जय जय हनुमान मंगल मूर्ति मारुत नंदनजय सिया … Read more

राम जी के प्यारे एक काम कर दे सारी दुनिया में मेरा नाम करदे

राम जी के प्यारे एक काम कर दे,सारी दुनिया में मेरा नाम करदे।। गल में सोने की इक चेन पड़ी हो,कोठी के आगे इक कार खड़ी हो,डॉलरों से मेरे भंडार भर दे,सारी दुनिया में मेरा नाम करदे,राम जी के प्यारे एक काम कर दे।। बॉडी गाड़ आगे पीछे घूमे पांच सात,मंत्री सलूट मारे मारे दिन … Read more

एक बार चले आओ हनुमान

तेरा भक्त बुलाता हैये गरीब बुलाता हैएक बार चले आओ हनुमान।। तेरा भक्त बुलाता हैये गरीब बुलाता हैएक बार चले आओ हनुमान।। बस आखिरी इच्छा हैतुम दरश दिखा जाओतेरा भक्त बुलाता हैये गरीब बुलाता हैएक बार चले आओ हनुमान।। भक्त और भगवान काजनमो का नाता हैइस जग की रीति कोना तोड़ के तुम जाओतेरा भक्त … Read more

हे संकट मोचन करते है वंदन

हे संकट मोचन करते है वंदन,तुमरे बिना संकट कौन हरे,सालासर वाले तुम हो रखवाले,तुम्हरे बिना संकट कौन हरे।। सिवा तेरे न दूजा हमारा,तू ही आ कर के देता सहारा,जो भी बिपदा आये पल में मिट जाये,तुम्हरे बिना संकट कौन हरे।। तूने रघु वर के दुखड़ो को ताला,हर मसुबत से उनको निकाला,रघुवर के प्यारे आँखों के … Read more

बजरंगी की पूजा से सब काम होता है

राम सिया राम सिया राम सिया राम जयराम सिया राम सिया राम सिया राम जयराम सिया राम सिया राम सिया राम जयराम सिया राम सिया राम सिया राम जय।। बजरंगी की पूजा से सब काम होता हैहनुमान की पूजा से सब काम होता हैइनके दर्शन से ही बिगड़ा हर काम होता हैबजरंगी की पूजा से … Read more

जय बजरंग बली हनुमान कहलाते हैं सेवक राम

किन्हीं आज्ञा पाल किन्हीं देह लालकिन्हीं तेज चल उड़ चले,जय बजरंग बली हनुमान,कहलाते हैं सेवक राम।। मित्र सुग्रीव की विपदा मिटाई,सियाराम से भेंट कराई,काज किये सब भले।। दानव दल को मार गिराए,सीता की सुधि ले आये,लंका धू धू जले।। लक्ष्मण जी को शक्ति लगी थी,बूटी लाये न देरी की थी,भैया लखन उठ चले।। ऐसा योद्धा … Read more

जय बालाजी हनुमान सालासर तेरा धाम

अंजनी नंदन बलशाली मेहंदीपुर के नाथहम दीन के शीश पर रखियो दया का हाथ।। तेरी महिमा से बढ़ी राजश्थान की शानरोम रोम में भक्तो के बेस हो तुम हनुमान।। भूत प्रेत की छाया से दुखी है जो प्राणीहर व्याधि से मुक्त हो तेरे दर आकर वोजय बालाजी हनुमान सालासर धाम ।। मेहंदी तुम्हारे प्रेम की … Read more