अगर तुम्हारा खाटू में दरबार नहीं होता
अगर तुम्हारा खाटू में दरबार नहीं होता Agar Tumhara Khatu Mein Darbaar Nahi Hota अगर तुम्हारा खाटू में, दरबार नहीं होता,अगर तुम्हारा खाटू में, दरबार नहीं होता,ये बेड़ा गरीबों का, कभी पार नहीं होता,ये बेड़ा गरीबों का, कभी पार नहीं होता फंस जाती मेरी नैया, मझधार में रह जाते,लहरों के धक्के से, कब के ही … Read more