जब तक फागुन मेला तेरा आता नहीं हाथो में निशान मेरे लहराता नहीं है
जब तक फागुन मेला तेरा आता नहीं,हाथो में निशान मेरे लहराता नहीं है,न चैन मुझे नींद है आतीतेरी यादे बड़ा तड़पाती।। यु तो हर ग्यारस पे मैं आता हूँयु भी चाहु बाबा तुमसे पाता हूँ ,पर फागण में एक ही बात निराली हैग्यारस और बारस को होली दिवाली है,इस दिन जैसा प्यार लुटाता नहीं हैकिरपा … Read more