निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना
निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना Nigaahein Mila Kar Gar Badle Zamana निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना,ज़माने की कोई भी परवाह नहीं होती,अगर श्याम संग तुमने मेरा जो छोड़ा,कसम है तेरी ये न सांसे रहे गी, मुझे अपनी बगियाँ का फूल समज न,मैं जो भी हु जैसा भी हु भूल समझना,पड़ा रहने दे मुझको चरणों में … Read more