हर ख़ुशी मिल रही हे श्याम तेरे दरबार से
हर ख़ुशी मिल रही हे श्याम तेरे दरबार सेआई हूँ शरण तिहारी जबसे खाली ना आई मैं हर बार रे जिनकी कृपा से ज़िन्दगी कटती है शान सेउनको रिझा रही हूँ मैं सरगम की तान से महिमा मैं जब से गए रही वाणी के रूप मैंकरुणा की छाँव मिल रही संकट की धूप मेंकश्ती भवर … Read more