जो मेरी माँ का सेवक बन गया उसकी बल्ले बल्ले

जो मेरी माँ का सेवक बन गया उसकी बल्ले बल्ले,वो मन की मुरादे पा गया उसकी बल्ले बल्ले,है मियां जी के खेल निराये पल में उसके काजसवार जो भी चरण में आया,जो मेरी माँ का दर्शन पा गया उसकी बल्ले बल्ले।। हो नीयत जिसकी अच्छी भगति हो जिसकी सच्ची,झोली छोटी पड़ जाती जब देने पे … Read more