मैं हार के दुनिया से तेरे द्वार पे आया हूँ

मैं हार के दुनिया से तेरे द्वार पे आया हूँहे श्याम मेरे श्याम रेहम करना गर्दिश का सताया हूँमैं हार के दुनिया से तेरे द्वार पे आया हूँ।। नहीं मोल चूका सकते तेरे उपकारों कारहा सदा सहारा तू तकदीर के मारों कामुझ पर भी दया करना दुःख दर्द का साया हूँहे श्याम मेरे श्याम रेहम … Read more