शेर पे होके सवार दर्श दिखा जाना
शेर पे होके सवार दर्श दिखा जाना,दर्श दिखा जाना माँ जग की पालनहार,दर्श दिखा जाना।। त्रिकूट पर्वत बसी भवानीज्वाला जल रही ज्योत नुरानी,बेहती जल की धार दर्श दिखा जाना।। हाथी मथा कठिन चढ़ाई,हाथ पकड़ ती खुद माहमई,चहु और मची जयकार दर्श दिखा जाना।। लांगुर वीर करे अगवानीठुमक ठुमक फिर चले माहरानी,नागर की दरकार दर्श दिखा … Read more