मैया जी मेरे मन मंदिर में रहियो
मोरी खपर वाली कलिका मैया,हो रही जय जय कार,मैया जी मेरे मन मंदिर में रहियो।। रन भूमि के कालका मइयाँ,खपर लेके हाथ में मइयाँ,कडग धार से मार रही हैअसुरो को संगार रही है,खप्पर वाली माँ कहलायेमोहरी कलिका मइयाँ,मैया जी मेरे मन मंदिर में रहियो।। रक्त बीज वर्धनी मइयाँ,एक से इकीस होती मईया,इक भी खून की … Read more