मेरे भोले गले नाग लिपट रहे काले
गले नाग लिपट रहे कालेमैं कैसे जियू डर डर के।। ये नाग किसी से नहीं लगतेतू मनाले याकिन करके मेरी गोरी।। ओ तू भंग रात दिन पियामैं घोट घोट हार गई ओ मेरे भोले।। मैं आप ही भांग ही घोटलूतू बोल मत हार गई मेरी गोरी।। ओ तुने दम दम डमरू बजयाठंडी ये हवा आएगी … Read more