नज़रें चुरा के बैठे सरकार क्यों बताओ
नज़रें चुरा के बैठे सरकार क्यों बताओकबसे खड़े हैं दर पे पलकें ज़रा उठाओ।। रुस्वाई आपकी ये हमसे सही ना जायेगुज़री है दिल पे जो भी तुमसे कही ना जाएखामोश ये जुबां भी अब तो रही ना जाएहमसे हुई खता क्या इतना ज़रा बताओनज़रें चुराके बैठे ………. बेचैन कर रही है खामोशियाँ ये तेरीनादाँ हूँ … Read more