महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रापलकें बिछाए बैठे हैं कुछ तो फरमाइए ज़रामहफ़िल है श्याम आपकी……….. यूँ तो हैं लाखों कलियाँ फिर भी सूना है ये चमनचरणों में लगा खाटू की मिटटी तो लाइए ज़रामहफ़िल है श्याम आपकी……….. नादानियों पे मेरी करते हमेशा पर्दा तुमपरदे की हो गई आदत पर्दा हटाइये ज़रामहफ़िल है … Read more