सुध नहीं बिसारू मैं राम की हो मां
सुध नहीं बिसारू मैं राम की हो मांमैया सुधर नहीं मैं बिसारू राम की हो मां।। हरन लड्डुआ चली चली मधुवन नारउठ सीता भोजन करो लंका पे राजसुधी नहीं बिसारू राम की हो मांसुध नहीं बिसारू मैं राम की हो मां।। ऐसे भोजन ना करू रे मोहे नहीं रे सुहाएमर जौ वास पे रहने जौ … Read more