भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे दूर करो प्रभु दुख हमारे

रघुपति राघव राजारामपतितपवन सीतारामजे रघुनंदन जे घनश्यामपतितपवन सीताराम।। भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारेदूर करो प्रभु दुख हमारेदशरथ के घर जन्मे रामपतितपवन सीताराम।। विश्वामित्र मुनीश्वर आएदशरथ भूप से वचन सुनाएसंग में भेजे लक्ष्मण रामपतितपवन सीताराम ।। वन में जाए तड़ाका मारीचरण च्छुआए अहिल्या तरीरशियों के डू:ख हारते रामपतितपवन सीताराम ।। जनक पूरी रघुनंदन आएनगर निवासी दर्शन … Read more