सदा सुहागन को वर माता थारे से मैं पाऊँगी

सदा सुहागनघी को दीपक चास भवानीआरती तेरी गाउंगीसदा सुहागन को वरमाता थारे से मैं पाऊँगी सासु म्हारी हो पटरानीससुरा जी हो राजा जीनन्दोई हो होये बड़भागाननन्दोई हो बड़ी भागी जी राजकुँअर सो देवर गोरा माता थासे मांगूसदा सुहागन दो वर माता थे से मैं पाऊँगी म्हाने ऐसो वर दीजो मातामेहँदी हाथ रची रहेसदा बिंदिया चमकती … Read more