अमृत को छोड़ कर जहर काहे पीजे
अमृत को छोड़ कर,जहर काहे पीजे,साई नाम लीजे,और सदा मौज कीजे।। मीठा साई नाम है,और मीठी साई की अदा,मीठा साई रूप से,कहो कौन है भला,बोलो इस मिठास पे,कौन नही रीझे,साई नाम लीजे,और सदा मौज कीजे।। अमृत को छोड़ कर,जहर काहे पीजे,साई नाम लीजे,और सदा मौज कीजे।। Amrit Ko Chhod Ke Zahar Kaahe PijiyeSai Naam Lijiye … Read more