साईं मेरे मन में है साई मेरे तन में है
साईं मेरे मन में है साई मेरे तन में है,जिधर भी देखु साई कण कण में है, भक्तो का तू ही रखवाला परम मनोहर हिर्दय विशाला,साईं मेरे मन में है साई मेरे तन में है, जो तेरा मन से ध्यान लगाये,उसका जीवन सफल हो जाये,जो शीश तेरे चरणों में झुकाये,समजो तीर्थ धाम वो हो आये,करे … Read more