जहाँ विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम
जहाँ विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम Jaha Viraaje Sheesh Ka Daani Mera Baba Shyam जहाँ विराजे शीश का दानी मेरा बाबा श्याम,दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम, तन मन धन सब इनके अर्पण,जीवन भी है इनको समपर्ण,मन मंदिर में छवि निरखु मैं,इनकी आठो याम ,दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम, श्याम हमारे भोले … Read more