तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू

तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू
रहमतों का निशाँ और क्या चाहिए
तू कहे कुछ मुझे मैं कहूं कुछ तुझे
और कुछ भी न इसके सिवा चाहिए
तू मेरे रूबरू……………

चंद पल हमको देदे दीदार के
ख़त्म करदे ये दिन इंतज़ार के
सब ये परदे हटा सामने आ ज़रा
अब तू ज़िद ही समझ या समझ प्रार्थना
दर्द ए दिल को तुझी से दवा चाहिए
तू मेरे रूबरू……………

इश्क़ या या जुनूं है या बंदगी
नाम लिख दी तेरे अपनी ज़िन्दगी
अब है बारी तेरी लाज रखना मेरी
हंस ना दे ये जहां मेरे हालात पे
गौर करना तुझे भी ज़रा चाहिए
तू मेरे रूबरू……………

कब ये माँगा क सारा जहान दे
मांग है ये बस थोड़ा ध्यान दे
ये हंसी पल ना हो आज है कल  ना हो
ना बहाने बना और साहिल से तू
अब तो सजदों का मिलना सिला चाहिए
तू मेरे रूबरू……………

Tu Mere Rubaru Main Tere Rubaru
Rahmaton Ka Nishan Aur Kya Chahie
Tu Kahe Kuchh Mujhe Main Kahun Kuchh Tujhe
Aur Kuchh Bhi Na Isake Siva Chahie
Tu Mere Rubaru

Chand Pal Hamko Dede Didar Ke
Khatm Karade Ye Din Intazar Ke
Sab Ye Parade Hata Samane Aa Zara
Ab Tu Zid Hi Samajh Ya Samajh Prarthana
Dard E Dil Ko Tujhi Se Dava Chahie
Tu Mere Rubaru

Ishq Ya Ya Junun Hai Ya Bandagi
Nam Likh Di Tere Apani Zindagi
Ab Hai Bari Teri Laj Rakhana Meri
Hans Na De Ye Jahan Mere Halat Pe
Gaur Karana Tujhe Bhi Zara Chahie
Tu Mere Rubaru

Kab Ye Manga Ka Sara Jahan De
Mang Hai Ye Bas Thoda Dhyan De
Ye Hansi Pal Na Ho Aj Hai Kal Na Ho
Na Bahane Bana Aur Sahil Se Tu
Ab To Sajadon Ka Milana Sila Chahie
Tu Mere Rubaru

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