
श्याम चाहत तेरी श्याम बैरन बन गई
Shyam Chahat Teri
चाहू क्यों तुझको मुझमे गन नहीं है
रो रही हूँ आज तक क्या तड़पन सही है ॥
श्याम चाहत तेरी श्याम बैरन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
चाहत तेरी चाहत तेरी चाहत तेरी श्याम
ठंडी हवाएं तेरी याद लेके आये
चांदनी आके मेरे तन को जलाये
हर पल एक नये श्याम उलझन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
चाहत तेरी चाहत तेरी चाहत तेरी श्याम
बचने की मेरी कोई आस नहीं है
ज़िंदा हूँ लेकिन तन में कोई सांस नहीं है
तन की साँसे तन की ही साँसे अब दुश्मन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
श्याम चाहत तेरी श्याम बैरन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
आँखे बरस रही तेरे इंतज़ार में
क्या से क्या हो गई हूँ मैं तेरे प्यार में
पागल जैसी मेरी श्याम हालत बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
श्याम चाहत तेरी श्याम बैरन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
और ना तड़पा अब जल्दी से आजा
शर्मा को आके अपनी सूरत दिखा जा
बेचैनी श्याम बेचैनी श्याम अब घुटन सी बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
श्याम चाहत तेरी श्याम बैरन बन गई
बिन तेरे ज़िंदगानी तड़पन बन गई ॥
सिंगर – विमल दीक्षित पागल
Shyam Chahat Teri – Shyam Bhajan Lyrics
Singer – Vimal Dixit Pagal